मोती (Pearl) एक ऐसा रत्न है, जो अमृत का काम करता है। यह आपकी हर इच्छा को पूर्ण करने की क्षमता रखता है। मोती एक दमकता-चमकता रत्न है, जो हर किसी को पसंद आता है। इसकी गुलाबी आभा आकर्षण के साथ-साथ जीवन की कई बड़ी समस्याओं को दूर करने में सक्षम है।

यह जीवन के किसी भी क्षेत्र में आ रही कोई भी बाधा को दूर करने का कार्य करता है। मोती (Pearl gemstone) चंद्रमा के बलि होने, मानसिक तनाव तथा कई बीमारियां जैसे- पथरी, पेशाब संबंधित परेशानियां या बीमारी, जोड़ों का दर्द आदि से राहत पाने के लिए धारण किया जाता है।

मोती धारण करने के नियम एवं लाभ-ratna vigyan

– मोती को गंगाजल से धोकर, शिवजी को अर्पित करने के बाद ही धारण करें।

– मोती को चांदी की अंगूठी में कनिष्ठा अंगुली में शुक्ल पक्ष के सोमवार की रात्रि को धारण करते हैं।

– कुछ लोग इसे पूर्णिमा को भी धारण करने की सलाह देते हैं।

– मोती के साथ पीला पुखराज और मूंगा ही धारण कर सकते हैं।

– यदि आपका मन अशांत है या कुंडली में चंद्रमा क्षीण है तो मोती पहनने की सलाह दी जाती है।

– तेजस्वी सफेद तथा गोल लंबे आकार का मोती, जिसमें लाल रंग के ध्वज के आकार का सूक्ष्म चिह्न हो, ऐसा मोती धारण करने से अपार तथा राज्य की ओर से लक्ष्मी का लाभ मिलता है।

– चंद्रमा क्षीण हो या सूर्य के साथ हो तो भी मोती धारण करना चाहिए।

– चंद्रमा की महादशा होने पर मोती अवश्य पहनना चाहिए।

– कृष्ण पक्ष में जन्म अथवा चंद्रमा क्षीण हो तो मोती पहनने से लाभ मिलता है।

– मोती पहनने से मन मजबूत तथा दिमाग तेज होता है तथा चंद्रमा की समस्याओं को शांत किया जा सकता है। मोती से मन में सकारात्मक विचार उत्पन्न होते हैं।

मोती
पहनने की सावधानियां-Pearl Gemstone Precautions

1. ज्योतिष के अनुसार चंद्र 12वें या 10वें घर में है तो मोती नहीं पहनना चाहिए।

2. यदि आपकी शीत वाली प्रकृति है, शरीर में जल तत्व और अधिक कफ रहता हो तो मोती पहनना नुकसानदायक हो सकता है।

3. अत्यधिक भावुक और क्रोधी लोगों को चांदी या मोती नहीं पहनना चाहिए। इससे भावुकता और क्रोध में बढ़ोतरी होने की संभावना बढ़ जाती है।

4. वृष, मिथुन, कन्या, मकर और कुंभ लग्न वालों को मोती धारण करना नुकसानदायक है।

5. शुक्र, बुध, शनि की राशियों वालों को भी मोती धारण नहीं करना चाहिए।

6. मोती के साथ पन्ना, हीरा, नीलम और गोमेद धारण करने से नुकसान होता है।

7. चंद्र यदि कुंडली में अशुभ प्रभाव दे रहा हो, तो चांदी या मोती से बनी कोई भी वस्तु न तो दें और न ही लें।

8. सामान्यत: चंद्रमा क्षीण होने पर मोती पहनने की सलाह दी जाती है मगर हर लग्न के लिए यह सही नहीं है। ऐसे लग्न जिनमें चंद्रमा शुभ स्थानों यानी केंद्र या त्रिकोण का स्वामी होकर निर्बल हो, ऐसे में ही मोती पहनना लाभदायक होता है। अन्यथा मोती डिप्रेशन, निराशावाद और आत्महत्या तक का कारक बन सकता है।

9. लग्न कुंडली में चंद्रमा शुभ स्थानों का स्थायी हो मगर,

1. 6, 8, या 12 भाव में चंद्रमा हो तो मोती पहनें।

2. चंद्रमा पाप ग्रहों की दृष्टि में हो तो मोती पहनें।

3. चंद्रमा राहु या केतु की युति में हो तो मोती पहनें।

4. नीच राशि (वृश्चिक) में हो तो मोती पहनें।

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