पुखराज का उपरत्न माना जाता है। फिरोजा रत्न का उपयोग ज्योतिष के साथ ही आभूषण बनाने में भी होता है। यह रत्न गहरे आसमानी रंग का होता है। फिरोजा रत्न को धारण करने के कोई नुकसान अभी तक नहीं जाने गए इसलिए इसे कोई भी पहन सकता है। आओ जानते हैं कि इसे क्यों पहनते हैं और जानें लॉकेट में पहनें या अंगूठी में।

क्यों पहनते हैं फिरोजा रत्न :
1. बृहस्पति ग्रह को बलवान बनाने के लिए इस रत्न को पहना जाता है।
2. मानसिक रूप से मजबूत बनने के लिए यह रत्न पहना जाता है।
3. सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस रत्न को धारण करते हैं।
4. मान सम्मान की चाह हेतु यह रत्न धारण करते हैं।
5. भाग्य में वृद्धि हेतु यह रत्न पहना जाता है।
6. नौकरी, करियर या व्यापार में सफलता के लिए यह रत्न पहना जाता है।
7. कला के क्षेत्र में सक्रिय लोग, आर्किटेक्चर, डॉक्टर और इंजीनियरों लोग यह रत्न पहनते हैं।
8. श्वास संबंधी समस्या, उच्च रक्तचाप और अवसाद से मुक्ति हेतु भी यह रत्न पहना जाता है।
9. जीवन में सभी तरह की परेशानी को दूर करने के लिए पहनते हैं फिरोजा।
कैसे और कब धारण करें : बृहस्पति के इस रत्न को गुरुवार या शनिवार के दिन या किसी शुभ मुहूर्त में धारण कर सकते हैं। इस रत्न को आप चांदी या पंच धातु में बनवाकर धारण कर सकते हैं। इसे अंगूठी, ब्रेसलेट या लॉकेट के रूप में कम से कम सवा पांच रत्ती से आठ रत्ती का धाण कर सकते हैं।

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